Surface Web Vs Deep Web Vs Dark Web

देखिये हम सब इंटरनेट को एक्सेस करते है न और इंटरनेट को अक्सेससबिलिटी के अनुसार कैसे कैसे एक्सेस कर सकते है उसके अनुसार तीन भाग में बाट  सकते है सबसे पहला है सरफेस वेब दूसरा है डीप वेब तीसरा है डार्क वेब अगर आप  इन तीनो के बारे जानना चाहते है तो आप हमारे वेबसाइट पर डेली विजिट करते रहे।
तो हेलो दोस्तों मेरा  नाम है संतोष मैं आप को रोज़ टेक्निकल  जानकारी देता हूँ।
तो चलिए शुरू करते है।

Turned on Imac Beside Macbook on Table
                            Web                         

एक्चुअली क्या है हम सब इंटरनेट का इस्तेमाल करते है।
सबसे पहले हम बात करते है सरफेस वेब का जैसे की नाम से पता चलता है की इंटरनेट का ऊपरी सतह इसका मतलब इंटरनेट पर ऐसा वेबसाइट जिसको आप जनरली एक्सेस कर सकते है जैसे मेरा ब्लॉग है santoshtutorials.com  इस पर जितने भी पोस्ट मैंने किया है वो पहले से ही सर्च इंजन में इंडेक्स हो चूका है क्रॉल  हो चूका ये आसानी से आपको सर्च इंजन में मिल जायेंगे। जिस भी मटेरियल को आप इंटरनेट को आसानी से एक्सेस कर  सकते है वो सरफेस वेब के अंदर आता है चाहे आप गूगल इस्तेमाल करे, बिंग करे , या याहू करे अगर वो वेबसाइट अक्सेसबल है तो वो सरफेस वेब के अंदर आता है।
अब चलते है दूसरे की तरफ जो है डीप वेब।  डीप वेब  मतलब सरफेस के  नीचे का भाग इसमें हर वो मटेरियल जो  सर्च इंजन से एक्सेसएबल नहीं है जो डायरेक्ट आप को यूआरएल या आई पी एड्रेस प्रोवाइड करते है अगर ये एक्सेस एबल होगा तभी कर सकते है अब जैसे मैं आपको उदहारण देता हूँ बैंक का।
बैंक में भी दो प्रकार का  होता है एक होता है पब्लिक के लिए जैसे मान लीजिये स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया , इलाहाबाद बैंक , पंजाब नेशनल बैंक ,या जो भी सेंट्रल बैंक हो। अगर आप ग्राहक है तो आप को बैंक द्वारा एक यूआरएल दिया गया होगा आप इससे पैसे को ट्रांसफर कर सकते है या अन्य कोई काम कर सकते है जो की इंटरनेट बैंकिंग के द्वारा होता है। लेकिन वो बैंक भी डीप वेब का इस्तेमाल करता है जो की आई पी अाड्रेस पर काम करता है वो आप देखते है कहा जब आप बैंक में जाते है तब बैंक में जितने स्टाफ होते है उन लोगो को प्राइवेट एक्सेस दिया जाता है जिसको पब्लिक डोमेन में पब्लिश नहीं किया जाता है जो की सिर्फ बैंक के द्वारा एक्सेस किया जा सकता है।अब आप समझ चुके होंगे की डीप वेब क्या होता है। अब चलते है अगले की तरफ जो है डार्क वेब \
कुछ सालाें पहले डीप वेब (Deep Web) अाैर डार्क वेब (Dark Web) काे एक ही माना जाता था लेकिन गैर कानूनी गतिविधियों वजह से इसे दो हिस्‍सों डीप वेब (Deep Web) अाैर डार्क वेब (Dark Web) में विभाजित कर दिया गया डार्क वेब (Dark Web) डीप वेब (Deep Web) का ही हिस्‍सा है, इसका प्रयोग इंटरनेट पर सभी प्रकार के गैर कानूनी काम करने के लिये किया जाता है जैसे ड्रग्स खरीदना व बेचना, किसी भी तरह का ख़तरनाक से ख़तरनाक हथियार खरीदना व बेचना, मानव तस्करी, ATM Debit/Credit Card की जानकारी चुराकर किसी को बेचना आदि, डार्क वेब (Dark Web) पेज पर आम तरीकों से नहीं पहुॅचा जा सकता है, यहां पहुुॅुचने के लिये लोग एक अलग ब्राउजर का इस्‍तेमाल करते हैं, जिसे टॉर कहते हैं, TOR एन्क्रिप्शन टूल से डार्क वेब (Dark Web) पेज को एनक्रिप्ट किया जाता है ये साइट छुप जाती है, सर्च इंंजन इसे इंडेक्स नहीं पाते और यह सिर्फ टॉर ब्राउजर पर ही दिखती हैं। 


आशा करता हु दोस्तों आप को अब समझ में आ गया होगा की वेब कितने तरह के होते है और इनमे क्या डिफरेंस होता है। 
तो दोस्तों आज के लिए बस इतना ही मिलते है आप को ऐसी ही जानकारी के साथ अगले पोस्ट में तब तक के लिए बाय बाय। 
धन्यवाद !!!!!!

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